मेहरारू के नाम एगो चिट्ठी " डबलुआ के माई…. खुश रहा। उम्मीद बा तू एकदम पाकल पपीता लेखा मोटा के पियरा गइल होखबू….. हमरा पाकिट से पइसा चोरा चाेरा के दू चार थान गहना बनवा के टोला मोहल्ला में बता देले होखबू कि " नइहर से मिलल बा।” बाकी तू हमरा के जरूर मिस करत होखबू…. झगड़ा करे के जब-जब मन करत होइ तब-तब हमार इयाद आवत होइ….हमार करेजा…. भले तहार मुंह ममता बनर्जी लेखा होखे बाकी हम तहरा के आलिया भट्ट के मौसी से कम ना समझेनी….. भले तू किरीम पोत के अउर सतरह मिनट मेकअप कइके मारिया शारापोवा बना.. बाकि हमरा के तू सेरेना विलियम्स ही लागेलू… अब खिसिया मत….देखा, आज हमरा तहरा बियाह के चार बारिष हो गइल… जब नया-नया तू घर में उतरलू, त बुझाइल की एतना शरीफ मेहरारु रहनदार मेहरारू त लालटेन चटाई ले के दस गांवे खोजला पे ना मिली… तहार समय से उठल, घर में सबके गोड़ लागल, माई बाबूजी के सेवा कइल…। हम दिने में सपना देखत बानीं……" कवना जनम के हीरा दान कइले रहनी की हइसन रहनदार मेहरारु मिल गइल…एकदम इन्नर के परी लेखा। लेकिन सब छूट गइल, अब त सबै लोग डराला तोहसे। बाकी धीरे-धीरे समय बीतत गइ...